ये मेरा जीवन है
जिसको मैंने जिया है
अनुभव रस का एक प्याला
जिसको मैंने पिया है
जिसको मैंने जिया है
अनुभव रस का एक प्याला
जिसको मैंने पिया है
उठाना, चलना , गिर जाना
और गिरकर फिर उठ जाना
बचपन ने ही सिखा दिया था
जीवन मंच का ताना बाना
गिरने को ठहराव मानना
न उठने को बहकाव
सरल तरंगगति में बह जाना
विपरीत गति मिलते टकराव
इसी सोच को सोचा मैंने
इसी पर आधारित कर्म किया है
ये मेरा जीवन है…
फिर समाज में प्रवेश लिया
जीवन ने सबसे मिलवाया
दुःख देखे और दुखी हुआ
सुख पाकर मन मुस्काया
ये दोनों पूरक है परस्पर
किसी एक का अस्तित्व नहीं
सुख के बिना दुःख है अधूरा
बिना दुःख के सुख का महत्त्व नहीं
गूंड रहस्य जीवन का है ये
इसको मैंने पहचान लिया है
ये मेरा जीवन है…
शत्रु मित्र की परिभाषा भी
मैंने जीवन से सीखी है
अनुभव से जाना मानव चित्त
वस्तु (जीवन )ये गुरुग्रंथ सरीखी है
हम श्रेष्ठतम रचना उस
रचनाकार विधाता की
रंग रूप अनेक सही पर
परिभाषा हम एकता की
ज्ञान इस जटिल व्यवस्था का
इसी जीवन से मैंने लिया है
ये मेरा जीवन है जिसको मैंने जिया है